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हम इस आर्टिकल Success Story Of Tata Group In Hindi में टाटा समूह की पूरी Success Story के बारे में बताएँगे तथा Tata Group की पूरी History के बारे में विस्तार से बतायेंगे | Tata Group की tata motors देश की सबसे बड़ी और पुरानी वाहन निर्माता कंपनियों में से एक है। आइये इस आर्टिकल “Success Story Of Tata Group – Tata Group History” की सहायता से हम जानते हैं कि कैसे Tata Group ने कैसे इतनी बड़ी सफ़लता प्राप्त की और किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा Tata Group को |

Success Story Of Tata Group In Hindi

success story of tata group in hindi - tata group history
source: pngkit

Tata Group History

जानिये कंपनी की पूरी कहानी इस आर्टिकल Tata Group History में : Tata Motors, भारत की सबसे बड़ी और पुरानी वाहन निर्माता कंपनियों में से एक है। लेकिन आप यह जानकर चौंक जायेंगे कि कंपनी अपने शुरूआती दौर में वाहन ही नहीं बनाती थी। आइये जानते है History Of Tata Motors के बारें में |

Tata Motors, टाटा ग्रुप का एक हिस्सा है, जिसे सन 1945 में स्थापित किया गया था। टाटा ग्रुप की स्थापना Jamshed Ji Tata ने की थी पर जे.आर.डी. टाटा के नेतृत्व में टाटा इंजीनियरिंग व लोकोमोटिव कंपनी (Now Tata Motors) की शुरुआत की गई थी। कंपनी को जल्द ही ‘TELCO’ के नाम से जाना जाने लगा। जैसा कि नाम से लगता है कि Company को ऑटोमोबाइल का उत्पादन करना चाहिए था, पर कंपनी ने लगभग 10 साल तक किसी भी Vehicle का उत्पादन नहीं किया। Success Story Of Tata Group In Hindi

टाटा मोटर्स ने 1954 में जर्मनी की कंपनी डायमलर-बेंज से ट्रक के उत्पादन के लिए हाथ मिलाया। कंपनी ने 1977 में कॉमर्शियल वाहन का उत्पादन शुरु किया तथा सालों तक इस सेगमेंट में राज करने के बाद कंपनी ने 1991 में पैसेंजर वाहन क्षेत्र में घुसने का निर्णय लिया।

Tata Sierra

टाटा ने साल 1991 में ही अपनी पहली कार टाटा सिएरा को लॉन्च किया, यह भारत में ही डिजाइन व उत्पादन की हुई पहली कार थी।

tata Sierra 1991
Tata Sierra 1991, Source: Wikipedia

यह एक एसयूवी थी । Tata Sierra जल्द ही भारत में सफल मॉडल बन गयी तथा टेल्को इसकी अच्छी बिक्री करने लग गया। कंपनी ने एक नया प्लांट भी स्थापित भी कर लिया व यह देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए बहुत ही क्रांतिकारी था। महत्वपूर्ण घटनाएं वर्ष 1992-2000 टाटा सिएरा की सफलता के थोड़े समय बाद ही कंपनी ने टाटा एस्टेट को देश में लॉन्च कर दिया है। इस कार में 5 स्पीड मैन्युअल गियरबॉक्स दिया गया था।

कंपनी ने इसका उत्पादन 1992 से 2000 तक किया, उसके बाद इसे बंद कर दिया गया। 1993 से कंपनी बस बनाने लग गयी तथा अन्य देशों में अपने बनाये हुए Vehicle एक्सपोर्ट करने लग गयी थी ।Success Story Of Tata Group In Hindi

Tata Sumo

कंपनी ने सन 1994 में Tata Sumo को लॉन्च कर दिया, Customers को यह कार पसंद नहीं आयी लेकिन आर्मी को यह गाड़ी पसंद आ गई | फिर Telco, Indian Army के लिए वाहन बनाने लग गयी। इसके बाद भी कंपनी ने कुछ सालों तक उतार चढ़ाव देखे पर इसके बाद कंपनी ने Multi Utility Vehicle सेगमेंट में Tata Safari को लॉन्च किया । 1997 में यह कंपनी भारत की पहली प्राइवेट कंपनी बनी जिसने 10,000 करोड़ की बिक्री का आकड़ा छु लिया था।Success Story Of Tata Group In Hindi

Tata Sumo
Tata Sumo, Source: indianauto.com

इसके बाद टेल्को की सबसे Popular कार Tata Indica को लॉन्च किया गया। इसे भारत की पहली पैसेंजर कार भी कहा जाता है। शुरू में Tata Indica की बहुत आलोचना हुई लेकिन इसके शानदार माइलेज व दमदार इंजन ने इसे बहुत ही Popular कर दिया और जिस वजह से यह अब तक की देश की सबसे अधिक बिकने वाली कार में से एक बन गयी।

वर्ष 2000-2005 इसके बाद कंपनी ने Tata Indica के कई वर्जन लॉन्च किये तथा लगातार इसे Update करते रहे |फिर नाम में बदलाव करते हुए टाटा इंजीनियरिंग लिमिटेड रखा तथा अंततः 2003 में Tata Motors नाम कर दिया गया। 2005 में कंपनी ने 30 लाख वाहन उत्पादन का टारगेट प्राप्त किया ।Success Story Of Tata Group In Hindi

2005-2010 Tata Motors ने 2006 में मार्कोपोलो के साथ करार कर Bus बनानी शुरू कर दी तथा इसके बाद Ford से बड़ी साझेदारी करके Jaguar and land rover का उत्पादन संभालने लग गयी। कुछ समय बाद Ratan Tata के नेतृत्व में कंपनी ने दुनिया की सबसे सस्ती कार Tata Nano को Launch किया । इसे करीबन 1 लाख रुपयें की शुरूआती कीमत पर लॉन्च किया गया था |यह मॉडल सफल नहीं हो सका।

Tata Motors वर्तमान में भारत के सबसे बड़े वाहन निर्माता कंपनी में से एक है। कंपनी के दुनिया भर में 66,000 से अधिक कर्मचारी है। कंपनी कई सालों से Automobile Industry में बनी हुई है। ये कम्पनी देश की Automobile Industry में बहुत ही मायने रखती है।

Success Story Of Tata Group In Hindi

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Source: tatamobiljakarta.blogspot.com

Details About Tata Group

Success Story Of Tata Group In Hindi

प्रकारPrivate
उद्योगConglomerate
स्थापना1868
संस्थापकJamshed Ji Tata
मुख्यालयBombay House
Mumbai, India
क्षेत्रWorldwide
प्रमुख व्यक्तिNatrajan Chandrshekhran – Chairman
कुल संपत्ति US$136 billion (2019)
कर्मचारी ‎722,281 (2019)
OwnerTata Sons
Products1. Automotive
2. Airlines
3. Chemicals
4. Defense
5. FMCG
6. Electric Utility
7. Finance
8. Home appliances
9. Hospitality industry
10. IT Services
11. Retail
12. E-commerce
13. Real estate
14. Steel
15. Telecom
वेबसाइटTata.com
Success Story Of Tata Group In Hindi – Tata Group History

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Success Story Of Tata Group In Hindi

टाटा समूह एक निजी व्यवसायिक समूह है जिसका मुख्यालय मुंबई में स्थित है। वर्तमान में इसके अध्यक्ष रतन टाटा हैं। टाटा समूह के चेयरमेन रतन टाटा ने 28 दिसम्बर 2012 को सायरस मिस्त्री को टाटा समूह का उत्तराधिकारी नियुक्त किया। रतन टाटा पिछले 50 सालों से टाटा समूह से जुड़े हैं वे 21 सालों तक टाटा समूह के अध्यक्ष रहे।

रतन टाटा ने जे आर डी टाटा के बाद 1991 में कार्यभार संभाला। टाटा परिवार का एक सदस्य ही हमेशा टाटा समूह का अध्यक्ष रहा है। इसका कार्यक्षेत्र अनेक व्यवसायों व व्यवसाय से सम्बंधित सेवाओं के क्षेत्र में फैला हुआ है – जैसे: अभियांत्रिकी, सूचना प्रौद्योगिकी, संचार, वाहन, रासायनिक उद्योग, ऊर्जा, सॉफ्टवेयर, होटल, इस्पात एवं उपभोक्ता सामग्री।Success Story Of Tata Group In Hindi

टाटा समूह की सफलता को इसके आंकडे बखूबी बयां करते हैं। 2005-06 में इसकी कुल आय $967229 मिलियन थी। ये समस्त भारत कि GDP के 2.8 % के बराबर है। 2004 के आंकड़ों के अनुसार टाटा समूह में करीब 2 लाख 46 हज़ार लोग काम करते हैं। market capitalization का आंकड़ा $57.6 बिलियन को छूता है।

Tata Group कि कुल 96 कम्पनियां 7 अलग अलग व्यवसायिक क्षेत्रों में सक्रिय हैं। इन 96 में से केवल 28 publicly listed कम्पनियाँ हैं। टाटा समूह 40 से भी अधिक देशों में सक्रिय है। Tata Group दुनिया के 140 से भी अधिक देशों को उत्पाद व सेवाएँ निर्यात करता है। इसके करीब 65.8% भाग पर टाटा के Charitable Trust का मालिकाना हक है।

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टिस्को (TISCO), जिसे अब टाटा स्टील (Tata steel) के नाम से जाना जाता है, की स्थापना 1907 में भारत के पहले लोहा व इस्पात कारखाने के तौर पर हुई थी। इसकी स्थापना जमशेदपुर में हुई थी जिसे लोग टाटा नगर भी पुकारते हैं। इस्पात (steel) व लोहे का असल उत्पादन 1912 में शुरू हुआ। यह दुनिया में सबसे किफायती दरों पर इस्पात का निर्माण करता है।

इसका मुख्य कारण है कि समूह की ही एक अन्य कंपनी इसे कच्चा माल, जैसे कोयला और लोहा आदि, उपलब्ध कराती है। 1910 में टाटा जलविद्युत शक्ति आपूर्ति कम्पनी (Tata Hydro-Electric Power Supply Company) की स्थापना हुई। 1917 में टाटा आयल मिल्स (Tata Oil Mill) की स्थापना के साथ ही समूह ने घरेलू वस्तुयों के क्षेत्र में कदम रखा और साबुन, कपडे धोने के साबुन, डिटर्जेंट्स (detergents), खाना पकाने के तेल आदि का निर्माण शुरू किया।

1932 में टाटा एयरलाइन्स (Tata Airlines) की शुरुआत हुई। टाटा केमिकल्स (Tata Chemicals) का आगमन 1939 में हुआ। टेल्को (TELCO), जिसे अब टाटा मोटर्स (TataMotors) के नाम से जाना जाता है, ने 1945 में रेल इंजनों और अन्य मशीनी उत्पादों का निर्माण शुरू किया।

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जनवरी 2007 का महीना टाटा समूह के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज किया जाएगा। टाटा स्टील ने यूनाइटेड किंगडम (UK) में स्थित कोरस समूह (Corus Group) की सफल बोली लगा कर उसे हासिल किया। कोरस समूह दुनिया की सबसे बड़ी लोहा व इस्पात निर्माण कंपनी है। बोली के अप्रत्याशित 9 दौर चले जिसके अंत में टाटा समूह ने कोरस का 100 प्रति शत हिस्सा 608 पाउंड प्रति शेयर (नकद) के हिसाब से कुल 12. 04 बिलियन डालर में खरीदने में सफलता पाई। यह किसी भी भारतीय कंपनी के द्वारा किया गया सबसे बड़ा अधिग्रहण है।

टाटा पावर भारत में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी कम्पनियों में से एक है। यह मुंबई एवं दिल्ली के कुछ हिस्सों को बिजली प्रदान करती है। टाटा केमिकल्स और टाटा पिगमेन्ट्स (Tata Pigments) का भी अपने अपने क्षेत्रों में काफी नाम है। सेवा क्षेत्र में भी टाटा समूह की कई कम्पनियां होटल, बीमा व जीवन बीमा उद्योग में सक्रिय हैं। टाटा समूह प्रबंधन व आर्थिक सलाहकार सेवाओं में भी काफी सफल साबित हुआ है। शेयरों व निवेष की दुनिया में भी टाटा का खासा नाम है।

जहाँ तक शिक्षा का सवाल है, तो इस के लिए तो केवल टाटा मैक्ग्रा (Tata Mcgraw) का नाम लेने मात्र से ही इस क्षेत्र में टाटा समूह की सफलता को बयां किया जा सकता है। पर टाटा का शिक्षा से जुड़ाव केवल इस मशहूर प्रकाशन कंपनी तक ही सीमित नहीं है। अनेक सरकारी संस्थानों व कम्पनियों की शरुआत टाटा द्वारा ही की गयी, जैसे – भारतीय विज्ञान संस्थान (Indian Institute of Science), टाटा मूलभूत अनुसंधान केन्द्र (Tata Institute of Fundamental Research), टाटा समाज विज्ञान संस्थान (Tata Institute of Social Sciences) और टाटा ऊर्जा अनुसंधान संस्थान (Tata Energy Research Institute)।

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यहाँ तक की भारत की आधिकारिक विमान सेवा एयर इन्डिया का भी जन्म टाटा एयरलाइन्स के रूप में हुआ था। इसके अलावा टाटा मैनेजमेन्ट ट्रेनिंग सेन्टर, पुणे और नेशनल सेन्टर फार पर्फार्मिंग आर्ट्स भी ऐसे संस्थान हैं जिनका श्रेय टाटा समूह को दिया जाना चाहिए।

टाटा का नाम चाय में टाटा चाय (Tata Tea) और घड़ियों में टाइटन (Titan) से जुड़ा है। Tata Trent (Westside) और टाटा स्काय (Tata Sky) भी अपने अपने क्षेत्रों के ऐसे नाम हैं जो टाटा समूह का ही हिस्सा हैं।Success Story Of Tata Group In Hindi

सूचना व संचार के क्षेत्र में भी टाटा का नाम INCAT, Nelco, Nelito Systems, TCS और Tata Elxsi से जुड़ा है। इसके अलावा साफ्टवेयर बनाने वाली भी कम्पनियां हैं जो टाटा का हिस्सा हैं- जैसे – टाटा इंटरैक्टिव सिस्टम्स (Tata Interactive Systems), टाटा इन्फोटेक (Tata Infotech), टाटा टटेक्नालोजीज लि (Tata Technologies Ltd), टाटा टेलीसर्विसेस, टाटानेट (Tatanet) आदि। टाटा ने 2005 में बरमूडा से संचालित कनेडियन कंपनी टेलीग्लोब (Teleglobe) से भारतीय दूरसंचार क्षेत्र की विशाल कंपनी विदेश संचार निगम लिमिटेड (VSNL) को हासिल किया।

टाटा समूह का उद्देश्य समझदारी, जिम्मेदारी, एकता और बेहतरीन काम से समाज में जीवन के स्तर को उंचा उठाना है। टाटा समूह (Tata Group) के नाम से जाने जाने वाले इस परिवार का हर सदस्य इन मूल्यों का अनुसरण करता है। भारत के शिक्षा, विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में टाटा का योगदान अति महत्वपूर्ण है। Success Story Of Tata Group In Hindi

इसके बारे में विस्तार से लिखा जा चुका है और लगभग हर भारतीय इस बात का सम्मान करता है। टाटा का नीले रंग का चिन्ह (Logo) निरंतर प्रवाह की और तो इशारा करता ही है, यह कल्प-तरु या बोधि वृक्ष (Tree of Knowledge) का भी प्रतीक है। इसे एक ऐसा वृक्ष भी माना जा सकता है जिसके नीचे हर कोई शरण पा सकता है, सकून पा सकता है।

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Tata Group का विदेशों में प्रसार

  • मार्च 2008, टाटा मोटर्स ने फोर्ड से जैगुआर और लैंड रोवर को ख़रीदा।
  • जनवरी 2007, टाटा स्टील ने कोरस स्टील को ख़रीदा।
  • जून 2006, अमरीकी कंपनी 8 ओक्लॉक कॉफी कंपनी का क़रीब 1000 करोड़ रुपए में अधिग्रहण किया।
  • अगस्त 2006,  अमरीकी कंपनी ग्लेसॉ (उर्जा कंपनी) के 30 प्रतिशत शेयर खरीदे
  • जुलाई 2005,  टेलीग्लोब इंटरनेशनल को 23.9 करोड़ डॉलर में अधिग्रहित किया।
  • अक्टूबर 2005,  टाटा टी ने तीन करोड़ 20 लाख डॉलर में गुड अर्थ क्राप का अधिग्रहण किया।
  • अक्टूबर 2005,  ब्रिटेन के आईएनसीएटी इंटरनेशनल को 411 करोड़ रुपए में खरीदा।
  • अक्टूबर 2005,  सिडनी स्थित कंपनी एफएनएस को अधिग्रहित किया।
  • नवंबर 2005,  बिज़नेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग कंपनी कोमीकॉर्न को क़रीब 108 करोड़ में खरीदा।
  • दिसम्बर 2005,  थाईलैंड की मिलेनियम स्टील का अधिग्रहण 1800 करोड़ रुपए में किया।
  • दिसम्बर2005,  ब्रिटेन की ब्रूनर मोंड ग्रुप के 63.5  प्रतिशत शेयर 508 करोड़ रुपए में लिए।
  • मार्च 2004, कोरियाई कंपनी देवू कमर्शियल वेहिकल्स का 459 करोड़ रुपए में अधिग्रहण किया।
  • अगस्त 2004, सिंगापुर की नैटस्टील को 1300 करोड़ रुपए में खरीदा।
  • फरवरी 2000, 1870 करोड़ रुपए में ब्रिटेन की टेटली टी को खरीदा।

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टाटा मोटर्स भारत में व्यावसायिक वाहन बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी है। इसका पुराना नाम टेल्को (टाटा इंजिनीयरिंग ऐंड लोकोमोटिव कंपनी लिमिटेड) था। यह टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों में से एक है। इसकी उत्पादन इकाइयाँ भारत में जमशेदपुर (झारखंड), पुणे (महाराष्ट्र) और लखनऊ (उत्तर प्रदेश) सहित अन्य कई देशों में हैं।

जैसा कि नाम से स्पष्ट है टाटा घराने द्वा्रा इस कारखाने की शुरुआत अभियांत्रिकी और रेल इंजन के लिये हुआ था। किन्तु अब यह कम्पनी मुख्य रूप से भारी एवं हल्के वाहनों का निर्माण करती है।

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Founder Of Tata Group – Jamshed Ji Tata

Jamshed Ji Tata भारत के प्रसिद्ध Businessman तथा औद्योगिक घराने Tata Group के Founder थे। भारतीय औद्योगिक क्षेत्र में Jamshed Ji Tata ने जो योगदान दिया वह बहुत ही असाधारण और बहुत महत्त्वपूर्ण है। जब दुनियां में सिर्फ यूरोपीय, विशेष तौर से अंग्रेज़ ही Business करने में कुशल माने जाते थे, तब जमशेदजी ने भारत में औद्योगिक विकास का मार्ग प्रशस्त किया था। Success Story Of Tata Group In Hindi

Tata Group के संस्थापक Jamshed Ji Tata के द्वारा किए गये महान कार्य आज भी लोगों प्रोत्साहित करते हैं। उनके अन्दर भविष्य के बारे में सोचने की अद्भुत क्षमता थी जिसके बल पर उन्होंने एक औद्योगिक व विकासशील भारत का एक सुनहरा सपना देखा था। उद्योगों के साथ-साथ उन्होंने विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा के लिए भी बेहतरीन सुविधाएँ उपलब्ध करायीं।

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Source: tata.com

इस आर्टिकल Success Story Of Tata Group In Hindi में हमने Tata Group Tata Motors की सफ़लता की पूरी कहानी share की अगर आपको यह आर्टिकल Success Story Of Tata Group In Hindi (Tata Group History) अच्छा लगा हो तो कमेंट करके share करें |

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