Mamata Banarjee biography in hindi, age, career, politics and husband.

नमस्कार दोस्तों, आज हम इस पोस्ट Mamata Banarjee Biography in Hindi में Mamata Banarjee Biography in Hindi, story Of Mamata Banarjee And Her Political Journey, Age Of Mamata Banarjee, Education of Mamata Banarjee आदि के बारे में बात करने वाले हैं|

Mamata Banarjee Biography in Hindi

Table of Contents

Early Life Of Mamata Banarjee

5 जनवरी 1955 को कोलकाता में जन्म के बाद ममता बनर्जी ने यहीं पर अपनी प्रारंभिक शिक्षा शुरू की। 9 साल की उम्र में ममता बनर्जी के पिता प्रोमिलेश्वर बनर्जी का निधन हो गया। इसके बाद ममता ने कोलकाता के जोगोमाया देवी कॉलेज से ग्रैजुएशन और फिर कलकत्ता यूनिवर्सिटी से इस्लामिक हिस्ट्री में पोस्ट ग्रैजुएशन किया। इसके अलावा उन्होंने जोगेश सी चौधरी लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री भी हासिल की।Mamata Banarjee Biography in Hindi

Also Read: Narendra Modi Biography in hindi

Political Journey Of Mamata Banarjee

15 साल की उम्र में कांग्रेस का हिस्सा

15-
Mamata Banarjee Biography in Hindi

70 के दशक में मात्र 15 साल की उम्र मे कांग्रेस पार्टी से जुड़ने वाली ममता बनर्जी ने सबसे पहले एक पदाधिकारी के रूप में 1976 में अपना काम संभाला। इस दौरान वो 1975 में पश्चिम बंगाल में महिला कांग्रेस (I) की जनरल सेक्रेटरी नियु्क्त की गईं। इसके बाद 1978 में ममता कलकत्ता दक्षिण की जिला कांग्रेस कमेटी (I) की सेक्रेटरी बनीं।

1984 में बनीं सबसे युवा सांसद

1984 में ममता बनर्जी को पहली बार लोकसभा चुनाव का टिकट भी कांग्रेस पार्टी से ही मिला और इस चुनाव में वो दक्षिण कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) की सांसद बनीं। इसके बाद 1991 में वो दोबारा लोकसभा की सांसद बनीं और इस बार उन्हें केंद्र सरकार में मानव संसाधन विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग में राज्यमंत्री भी बनाया गया।

TMC का गठन और अटल का आशीर्वाद

tmc-
Mamata Banarjee Biography in Hindi

इसके बाद 1996 में ममता एक बार फिर सांसद बनीं, लेकिन 1997 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी से नाता तोड़कर अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस का गठन किया। पार्टी गठन के शुरुआती दिनों में ममता बनर्जी तब बीजेपी के सबसे बड़े नेता रहे अटल बिहारी वाजपेयी की करीबी रहीं। इसके अलावा उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में रेलमंत्री के रूप में भी काम किया। 2002 में ममता बनर्जी ने रेलवे के नवीनीकरण की दिशा में बड़े फैसले लिए। इसके अलावा एक्सप्रेस ट्रेनों में सर्विसेज बढ़ाने से लेकर IRCTC तक की स्थापना में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई।

वामपंथी सरकार के खुले विरोध से बनाई जमीन

navbharat times Mamata Banarjee Biography in Hindi - Age, Career, Education, husband, Net Worth
Mamata Banarjee Biography in Hindi

संसद से राज्य की सत्ता तक का सफर करने की दिशा में ममता बनर्जी लगातार तब की वामपंथी सरकार का पश्चिम बंगाल में खुला विरोध करती रहीं। सीपीएम के नेतृत्व वाली इस सरकार के मुखिया पहले ज्योति बसु और फिर बड़े वामपंथी नेता बुद्धदेव भट्टाचार्या थे। 2005 में भट्टाचार्य की सरकार के जबरन भूमि अधिग्रहण के फैसले का विरोध शुरू किया। इसके बाद सिंगूर और नंदीग्राम के हिस्सों में ममता बनर्जी ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर आंदोलन किए। इस आंदोलन को परोक्ष रूप से बीजेपी का समर्थन भी मिला।

2011 में मिला बंगाल की सत्ता का राजयोग

2011-
Mamata Banarjee Biography in Hindi

भूमि अधिग्रहण कानून के विरोध का असर और व्यापक जनसमर्थन देखते हुए ममता ने एक प्रमुख राजनीतिक दल के रूप में पश्चिम बंगाल के 2011 विधानसभा चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपनी पार्टी को चुनाव में उतारा। 1998 में पार्टी के गठन के बाद 13 साल की अल्प यात्रा में ही तृणमूल कांग्रेस पहली बार 34 वर्षीय सत्ता वाली वामपंथी सरकार को सत्ता से हटाने में कामयाब हो गई।

अब तक दो बार मिली पश्चिम बंगाल की सत्ता

navbharat times Mamata Banarjee Biography in Hindi - Age, Career, Education, husband, Net Worth
Mamata Banarjee Biography in Hindi

2011 के चुनाव में ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल की 184 सीटों पर जीत मिली। ये वही राज्य था, जहां पर कभी वामपंथी और कांग्रेस की विचारधारा का प्रभाव था। दोनों में एक नई लीक खींचकर ममता ने चुनाव में 184 असेंबली सीट पर जीत हासिल की। इसके बाद वह राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री भी बनीं। इसके बाद 2016 में ममता पहले से अधिक सीटों के साथ राज्य की सत्ता जीतने में कामयाब हुईं।

मोदी लहर में भी कायम रहा राजनीतिक प्रभाव

navbharat times Mamata Banarjee Biography in Hindi - Age, Career, Education, husband, Net Worth
Mamata Banarjee Biography in Hindi

ममता बनर्जी इन चुनावों के बाद देश के एक प्रमुख राजनीतिक दल की मुखिया के रूप में तेजी से उभरीं। 2014 में प्रचंड मोदी लहर के बावजूद बीजेपी को पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने कड़ी चुनौती दी। देश के तमाम करिश्माई नतीजों के बावजूद इन चुनावों में पश्चिम बंगाल की 42 सीटों पर ममता बनर्जी का दल विजयी हुआ। ये सीटें एक प्रदेश स्तरीय पार्टी ने जीती थीं, लेकिन सीटों की संख्या कांग्रेस जैसे बड़े दल से अधिक थीं…जिसने इन चुनावों में कुल 44 लोकसभा सीटों पर विजय हासिल की थी।

हर मोर्चे पर मोदी विरोध और अब बंगाल की चुनौती

navbharat times Mamata Banarjee Biography in Hindi - Age, Career, Education, husband, Net Worth
Mamata Banarjee Biography in Hindi

2019 के लोकसभा चुनाव में भी ममता बनर्जी का दल पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बनकर उभरा। 42 सीटों पर हुए चुनाव में ममता सबसे बड़े दल के रूप में 22 सीट जीत सकीं। इसके अलावा बीजेपी को 18 सीटों पर विजय मिली। बड़ी बात ये कि मोदी विरोध के लिए ममता बनर्जी हमेशा बीजेपी के खिलाफ रहीं। ये वही ममता बनर्जी थीं, जो कि कभी एनडीए की सबसे प्रमुख सहयोगी रही थीं। सीएए, एनआरसी, जीएसटी, नोटबंदी और किसान आंदोलन तक ममता ने मोदी सरकार के तमाम फैसले का विरोध किया और अब वह 2021 के पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले बीजेपी के सामने प्रमुख दल के रूप में खड़ी नजर आ रही हैं।

Major work done by Mamta Banerjee

Mamata Banarjee Biography in Hindi

कांग्रेस से नाता तोड़ने के बाद ममता बनर्जी ने अपनी राजनैतिक पार्टी आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की। उन्होंने टाटा मोटर्स के द्वारा कारखाने लगाये जाने का विरोध किया। पश्चिम बंगाल सरकार के 10000 एकड़ जमीन को विशेष आर्थिक क्षेत्र बनाने के प्रस्ताव का ममता बनर्जी ने जोरदार विरोध किया। बतौर रेल मंत्री अपने सर्वप्रथम कार्यकाल के दौरान उन्होंने पर्यटन के विकास के लिए इंडियन रेल्वे केटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आई.आर.सी.टी.सी.) लिमिटेड का निर्माण कर उसे पर्यटन परियोजना में शामिल करने का प्रस्ताव रखा।Mamata Banarjee Biography in Hindi

Mamata Banarjee Life In Short

पूरा नामममता बनर्जी
जन्म तिथि5 जनवरी 1955
जन्म स्थानकोलकाता, पश्चिम बंगाल
राजनीतिक दलअखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (1997-वर्तमान)।
राष्ट्रीयताभारतीय
शिक्षाजोगमाया देवी कॉलेज से बीए , श्री शिक्षायत कॉलेज से इस्लामी इतिहास में एमए और जोगेश चन्द्र चौधरी लॉ कॉलेज, कोलकाता से कानून में डिग्री।
मातृ संस्थाकलकत्ता विश्वविद्यालय
वैवाहिक स्थितिअविवाहित
व्यवसायराजनीतिज्ञ
उनके द्वारा संभाले गये महत्वपूर्ण पदपश्चिम बंगाल की8वीं मुख्यमंत्री, रेल मंत्री, कोलकाता के लिए संसद सदस्य, जादवपुर के लिए संसद सदस्य, पश्चिम बंगाल विधानसभा सदस्य।
NET WORTH30 लाख रुपये
Mamata Banarjee Biography in Hindi

Mamata Banarjee Biography in Hindi

ममता बनर्जी की राजनीतिक यात्रा

  • 1976 – 1980: पश्चिम बंगाल में महिला कांग्रेस (आई) की महासचिव
  • 1978-1981: कलकत्ता दक्षिण की जिला कांग्रेस कमेटी (इंदिरा) की सचिव
  • 1984: 8वीं लोकसभा की सदस्य के रूप में चुनी गईं। अखिल भारतीय युवा कांग्रेस (आई) की महासचिव भी बनीं।
  • 1985-1987: अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की कल्याण समिति की सदस्य
  • 1987-1988: मानव संसाधन विकास मंत्रालय की परामर्श समिति, अखिल भारतीय युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय परिषद (आई), गृह मंत्रालय पर सलाहकार समितिकी सदस्य
  • 1988: कांग्रेस संसदीय दल की कार्यकारी समिति की सदस्य
  • 1989: राज्य की प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारी समिति की सदस्य
  • 1990: पश्चिम बंगाल की युवा कांग्रेस अध्यक्षा
  • 1991: 10वीं लोकसभा की सदस्य (लोकसभा के लिए उनका दूसरा चुनाव)
  • 1991-1993: युवा मामले और खेल विभाग, मानव संसाधन विकास, महिला एवं बाल विकास की राज्य मंत्री
  • 1993-1996: गृह मामलों पर समिति की सदस्य
  • 1995-1996: लोक लेखा समिति की सदस्य, गृह मंत्रालय की सलाहकार समिति की सदस्य
  • 1996: 11वीं लोकसभा की सदस्य के रूप में चुने गईं (तीसरी बार)
  • 1996-1997: गृह मामलों पर गृह मंत्रालय की परामर्श समिति की सदस्य
  • 1997: अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की और इसकी अध्यक्षा बनीं
  • 1998: 12वीं लोक सभा (चौथी बार) की सदस्य के रूप में फिर से निर्वाचित
  • 1998 – 1999: रेलवे समिति की अध्यक्षा, गृह मंत्रालय की सलाहकार समिति की सदस्य, सामान्य प्रयोजन समिति की सदस्य
  • 1999: 13वीं लोकसभा की (पांचवीं बार) सदस्य के रूप में चुनी गईं; सामान्य प्रयोजन समिति की सदस्य के रूप में नियुक्त; लोकसभा में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस कीराजनेत्री
  • 13 अक्टूबर 1999-16 मार्च 2001: रेलवे की केंद्रीय कैबिनेट मंत्री
  • 2001-2003: उद्योग मंत्रालय की सलाहकार समिति की सदस्य
  • 8 सितंबर 2003-8 जनवरी 2004: केंद्रीय कैबिनेट मंत्री लेकिन बिना किसी पोर्टफोलियो के
  • 9 जनवरी 2004-मई 2004: कोयला और खानों की केंद्रीय कैबिनेट मंत्रीs
  • 2004: 14वीं लोकसभा की सदस्य के रूप में छठी बारचुनी गईं। कानून एवं न्याय, लोक शिकायत और कार्मिक पर समिति की सदस्य भी बनीं।
  • 5 अगस्त 2006: गृह मामलों की समिति की सदस्य
  • 2009: 15वीं लोकसभा की सदस्य के रूप में चुनी गईं (सातवींबार)
  • 31 मई 2009-जुलाई 2011: रेलवे के लिए केंद्रीय कैबिनेट मंत्री; संसद की लोकसभा मंं अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस कीराजनेत्री
  • 9 अक्टूबर 2011: 15वीं लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया
  • 20 मई 2011: पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं।
  • 19 मई 2016: वह लगातार दूसरी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनीं।

बंगाली में ममता बनर्जी की पुस्तकें Mamata Banarjee Biography in Hindi

  • उपलब्धि
  • मां-माटी-मानुष
  • जनतार दरबरे
  • मानविक
  • मातृभूमि
  • अनुभूति
  • तृणमूल
  • जनमायनी
  • अशुबो शंकेत
  • जागो बांग्ला
  • गणोतंत्र लज्जा
  • एंडोलानेर कथा

अंग्रेजी में ममता बनर्जी द्वारा किताबें

  • स्माइल (मुस्कान)
  • स्लॉटर ऑफ डेमोक्रेसी (लोकतंत्र की हत्या)
  • स्ट्रगल ऑफ एक्सिसटेंस (अस्तित्व का संघर्ष)
  • डार्क हॉरिजोन (गहरा क्षितिज)

ममता बनर्जी द्वारा जीते गये पुरस्कार Mamata Banarjee Biography in Hindi

2012 में टाइम पत्रिका ने उनका दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक के रूप में उल्लेख किया। ब्लूमबर्ग मार्केट्स पत्रिका ने उन्हें सितंबर 2012 में “वित्त की दुनिया में 50 सबसे प्रभावशाली लोगों” में से एक के रूप में चिह्नित किया।Mamata Banarjee Biography in Hindi

ममता बनर्जी जी का विवाद एवं आलोचनाएँ (Mamata Banerjee Controversies and Criticism)  

  • दिसम्बर सन 1998 में, ममता जी ने महिलाओं के लिए आरक्षण बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए लोक सभा में समाजवादी पार्टी के एक एमपी डोगरा प्रसाद सरोज जी की कोलर पकड़कर एवं उन्हें घसीटते हुए बाहर निकला था, जिसके चलते वे बहुत अधिक विवादों से घिरी थी.
  • ममता बनर्जी ने एक बार भारत में अपराध की बढ़ती संख्या पर एक टिप्पणी की थी. जिसके कारण उनकी काफी आलोचना की गई थी. दरअसल ममता बनर्जी ने सन 2012 में यह कहा था, कि ‘पहले जब लड़के व लड़की साथ में हाथ पकड़ कर घूमते थे, तो उस समय उनके माता – पिता द्वारा वे पकड़े जाते थे और उनकी फटकार लगाई जाती थी, किन्तु अब सबकुछ खुलेआम होने लगा हैं, यह कई विकल्पों के साथ एक खुले बाजार की तरह हो गया हैं’ इस टिप्पणी से उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था.
  • अक्टूबर सन 2016 में, पश्चिम बंगाल में ममता सरकार ने 25 मुस्लिम परिवारों के द्वारा दुर्गा पूजा की प्रथा के खिलाफ आपत्ति जताने के कारण दुर्गा पूजा पर पाबंदी लगा दी थी. उनका कहना था कि दुर्गा पूजा मुस्लिमों के त्यौहार ‘मुहर्रम’ के दौरान उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती हैं. हालांकि हाई कोर्ट ने उनके इस फैसले को बदल दिया था और इसे ‘अल्पसंख्यकों को खुश करने की बोली’ के रूप में टैग किया गया था.
  • ‘रेनबो’ शब्द को बंगाली टेक्स्टबुक में ‘रामधोनु’ शब्द के रूप में जाना जाता था, जिसका मतलब होता है ‘राम का धनुष’. लेकिन सन 2017 में रामधोनु शब्द को रोंगधोनु शब्द में बदल दिया गया, जिसका मतलब होता है धनुष के रंग. इसके कारण देश के कट्टरपंथियों के बीच काफी विवाद हुआ था.
  • हालही में आम चुनाव शुरू होने से पहले ममता बनर्जी ने अपने कार्यकाल के दौरान भारत के फ़ेडरल सिस्टम को चुनौती दी, जब उन्होंने सारदा ग्रुप फाइनेंसियल घोटाले की जाँच करने के लिए कोलकाता पहुंचे सीबीआई अधिकारीयों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया. उस दौरान ममता ने काफी सारा ड्रामा किया था, जिसके चलते अब तक आम चुनाव में भी वे सुर्ख़ियों में दिखाई दे रही हैं. अभी कुछ दिन पहले बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह पश्चिम बंगाल में रैली करने पहुंचे थे, उस दौरान बंगाल में काफी अधिक विवाद फ़ैल गया और उसमे भी ममता बनर्जी का नाम सामने आ रहा है.

Mamata Banarjee Biography in Hindi

इस तरह ममता बनर्जी जी को अब तक काफी सारे विवादों से घिरा देखा गया हैं. आगे देखना काफी दिलचस्प होगा, कि चुनाव परिणाम के बाद ममता बनर्जी Mamata Banarjee Biography in Hindi राजनीति क्या मोड़ लेगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *