CV Raman Biography In Hindi

नमस्कार दोस्तों, हम इस पोस्ट CV Raman Biography In Hindi में CV Raman के बारे में उनकी पूरी जीवनी CV Raman Biography In Hindi को बताने वाले हैं |

भारत के एक महान वैज्ञानिक ( Indian Grate Scientist Chandrasekhara Venkata Raman ) थे | जिन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में अपना अति महत्वपूर्ण योगदान दिया था और अपनी अनूठी खोजों से भारत को विज्ञान की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान दिलवाई |

आज हम इस पोस्ट में भारत के महान वैज्ञानिक चन्द्रशेखर वेंकटरमन CV Raman के बारे में जानेंगे विस्तार से CV Raman Biography In Hindi, तो चलिये बिना किसी देरी के शुरू करते हैं CV Raman के बारे में – CV Raman Biography In Hindi

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Table of Contents

रमन प्रभाव’ (Raman Effect) चन्द्रशेखर वेंकटरमन की अद्भुत और महत्वपूर्ण खोजों में से एक थी | जिसके लिए उन्हें ( Sir Chandrasekhara Venkata Raman ) देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न ( नोबेल प्राइज ) और लेनिन शांति पुरस्कार समेत विज्ञान के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण कामों के लिए तमाम पुरस्कारों से नवाजा गया | CV Raman Biography In Hindi

अगर सीवी रमन ने यह खोज नहीं की होती तो शायद हमें कभी नहीं पता नहीं चल पाता कि समुद्र के पानी का रंग नीला क्यों होता है | वास्तव में उनकी इन खोजों ‘रमन प्रभाव’ ने विज्ञान के क्षेत्र में भारत को एक नई दिशा प्रदान की, जिससे देश के विकास को भी बढ़ावा मिला | 

सीवी रमन का पूरा नाम चन्द्र शेखर वेंकट रमन है | वह भारत के भौतिक शास्त्री थे | सी.वी. रमन को 1930 में भौतिकी के प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार / भारत रत्न से नवाजा गया और 1954 में उन्हें भारत सरकार द्वारा भारत रत्न की उपाधि से से भी सम्मानित किया गया |

सीवी रमन का पहला शोध प्रकाश विवर्तन लंदन की फिलसोफिकल पत्रिका में प्रकाशित हुआ | जिसका शीर्षक था – “आयताकृत छिद्र के कारण उत्पन्न असीमित विवर्तन पट्टियाँ” | 15 साल तक वर्ष 1933-1948 वह कलकत्ता विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे | रमन प्रभाव के अनुसंधान के लिए सरकार ने नया क्षेत्र खुल गया |CV Raman Biography In Hindi

सेवानिवृति के बाद सीवी रमन शोध संस्थान की बैंगलोर में स्थापना की और इसी संस्थान में शोधरत रहे | विज्ञान के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण कामों के लिए उन्हें लेनिन शान्ति पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया और विज्ञान संघ के अध्यक्ष भी नियुक्त किए गए | आज वही विज्ञान संघ भारत की पहचान बना हुआ है | जानकारी के लिए बतादे की 28 फरवरी 1928 को चन्द्रशेखर वेंकट रमन ने रमन प्रभाव की खोज की थी जिसकी याद में भारत में इस दिन को प्रत्येक वर्ष ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है |CV Raman Biography In Hindi

सेवानिवृति के बाद सीवी रमन शोध संस्थान की बैंगलोर में स्थापना की और इसी संस्थान में शोधरत रहे | विज्ञान के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण कामों के लिए उन्हें लेनिन शान्ति पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया और विज्ञान संघ के अध्यक्ष भी नियुक्त किए गए | आज वही विज्ञान संघ भारत की पहचान बना हुआ है | जानकारी के लिए बतादे की 28 फरवरी 1928 को चन्द्रशेखर वेंकट रमन ने रमन प्रभाव की खोज की थी जिसकी याद में भारत में इस दिन को प्रत्येक वर्ष ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है |CV Raman Biography In Hindi

Early Life Of CV Raman In Hindi

सर सीवी रमन का जन्म ( CV Raman Birth Date ) 7 नवम्बर 1888 को दक्षिण भारत के तमिलनाडु के तिरूचिरापल्ली नामक शहर ( CV Raman Birth Place ) के ब्राह्मण परिवार में हुआ था | उनके पिता चंद्रशेखर अय्यर ( CV Raman Father Name ) एवी नरसिम्हाराव महाविद्यालय, विशाखापत्तनम, (आधुनिक आंध्र प्रदेश) में फिजिक्स और गणित के एक प्रख्यात प्रवक्ता ( व्याख्याता ) थे | सीवी रमन जब चार साल के थे तभी उनके पिता का तबादला विशाखापत्तनम में हो गया |CV Raman Biography In Hindi

सीवी रमन के पिता को पढने का बहुत शौक था वो किताबों को बहुत ही संजों के रखते थे, जिस वजह से उन्होंने घर में ही एक छोटी सी लाइब्रेरी बना ली थी | सीवी रमन की माता ( CV Raman Mother Name ) पार्वती अम्मल एक सुसंस्कृत परिवार की महिला थीं | सीवी रमन अपने माता – पिता की दूसरी संतान थे | चंद्रशेखर वेंकटरमन बचपन से ही प्रखर बुद्धि के छात्र थे | उन्होंने बचपन में ही वह बहुत सारे हिंदी और अंग्रेजी के उपन्यास पढ़ लिए थे |

स्कूली शिक्षा के लिए वे विशाखापत्तनम शहर चले गए और वहा के सेंट अलॉयसियस एग्लों इंडियन हाई स्कुल में पढाई की और उन्होंने बहुत ही कम उम्र यानि 11 साल की उम्र में मैट्रिक की परीक्षा पास कर ली | जब वे एमएससी की पढाई कर रहे थे उस दौरान उन्होंने Acoustics and Optics विषय पर एक Paper लिखा जो 1906 में London की Philosophical Magazine में पब्लिश हुआ और तब उनकी उम्र महज 18 साल थी |CV Raman Biography In Hindi

सीवी रमन की की शिक्षा एवं छात्र जीवन – CV Raman Education

सीवी रमन बेहद तेज बुद्धि के एक होनहार और प्रतिभाशील छात्र थे, जिनकी पढ़ाई में शुरुआत से ही गहरी रुचि थी, वहीं उनकी किसी चीज को सीखने और समझने की क्षमता भी बेहद तेज थी, यही वजह है कि उन्होंने महज 11 साल की उम्र में विशाखापत्तनम के सेंट अलोय्सिअस एंग्लो-इंडियन हाई स्कूल से अपनी 10वीं की परीक्षा पास की थी, जबकि 13 साल की उम्र में उन्होंने अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी कर ली थी।CV Raman Biography In Hindi

सीवी रमन शुरुआत से  ही पढ़ने में काफी अच्छे थे, इसलिए उन्होंने अपनी 12वीं की पढ़ाई स्कॉलरशिप के साथ पूरी की। इसके बाद उन्होंने साल 1902 में प्रेसीडेंसी कॉलेज मद्रास (चेन्नई) में एडमिशन लिया था, और वहां से साल 1904 में अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री प्रथम श्रेणी के साथ हासिल की, इसके साथ ही सीवी रमन ने इस दौरान पहली बार फिजिक्स में ‘गोल्ड मेडल’ भी प्राप्त किया था। CV Raman Biography In Hindi


इसके बाद उन्होंने साल 1907 में  मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए मद्रास यूनिवर्सिटी में ही एमएससी में एडमिशन लिया। आपको बता दें कि इस दौरान उन्होंने फिजिक्स को मुख्य विषय के तौर पर चुना, हालांकि वे इस दौरान क्लास में कम ही आते थे, क्योंकि उन्हें थ्योरी नॉलेज से ज्यादा लैब में नए-नए प्रयोग करना पसंद था, उन्होंने अपनी एमएससी की पढ़ाई के दौरान ही ध्वनिकी और प्रकाशिकी (Acoustics and Optics) के क्षेत्र में रिसर्च करनी शुरु कर दी थी।


वहीं उनके प्रोफेसर आर एस जोन्स भी उनकी प्रतिभा को देखकर काफी प्रभावित हुए और उन्होंने सीवी रमन को उनकी रिसर्च को ‘शोध पेपर’ के रुप में पब्लिश करवाने की सलाह दी, जिसके बाद नवंबर, साल 1906 में लंदन से प्रकाशित होने वाली ‘फ़िलॉसफ़िकल पत्रिका’ (Philosophical Magazine) में उनका शोध प्रकाश का ‘आणविक विकिरण‘  को प्रकाशित किया गया। आपको बता दें कि उस दौरान वह महज 18 साल के थे।

CV Raman Biography In Hindi

Dr. Chandrasekhara Venkata Raman Education Story

वर्ष 1902 में उन्होंने प्रेसीडेंसी कॉलेज मद्रास में दाखिला लिया | वहा उनके पिता भौतिक विज्ञान और गणित के प्रवक्ता के तौर पर कार्यरत थे | वर्ष 1904 में सीवी रमन ने प्रथम स्थान के साथ स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण की और भौतिक विज्ञान में ‘गोल्ड मैडल’ प्राप्त किया | इसके बाद उन्होंने मास्टर डिग्री करने के लिए प्रेसीडेंसी कॉलेज में प्रवेश लिया और मुख्य विषय के रूप में भौतिक शास्त्र को चुना |

वर्ष 1907 में उन्होंने उच्च विशिष्टता के साथ अर्थात मद्रास विश्वविद्यालय में भौतिक विज्ञान में प्रथम स्थान प्राप्त किया | वे मास्टर डिग्री के समय कक्षा में कम ही जाते थे क्योकि वे कॉलेज की प्रयोगशाला में नई खोज करते रहते थे | छात्र जीवन से ही उन्होंने प्रकाशिकी और ध्वनिक दो क्षेत्रों में अपना शोध करना शुरु कर दिया था | CV Raman Biography In Hindi

उनके प्रोफेसर उनकी प्रतिभा को भली-भांति समझते थे इसलिए उन्हें स्वतंत्रतापूर्वक पढ़ने देते थे उनके प्रोफेसर आर एस जोन्स ने उन्हें सुझाव दिया कि वह अपने प्रयोग को अपने शोध पेपर के रूप में प्रकाशित करवाए | जिस पर अम्ल कर उन्होंने अपने शोध पेपर को लन्दन से प्रकाशित होने वाली पत्रिका फिलोसिफिकल में छपवाया | 1906 के नवम्बर माह में सी वी रमन जी की शोध को प्रकाशित किया गया था | जिसका नाम था प्रकाश का आणविक विकिरण |

सी वी रमन की पारिवारिक जानकारी (C V Raman family)

सी वी रमन के पिता का नाम चन्द्र शेखर अय्यर था, वे एस पी जी कॉलेज में भौतिकी विज्ञान के शिक्षक थे. उनकी माता जी का नाम पार्वती अम्मल था. वह एक गृहणी थी. सी वी रमन अपने आठ भाई बहनों में अपने माता पिता के दुसरे संतान थे. उनके दुसरे भाई का नाम रमन सुब्रह्मण्यन था. वह आईएएएस में कार्य करते थे.CV Raman Biography In Hindi

रमन भी इस विभाग में जाना चाहते थे उन्होंने उसकी परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त भी कर लिया था, लेकिन वो नहीं गए. रमन विज्ञान को लेकर हमेशा ही कुछ नया करने की सोचते रहते, जब भी छुट्टी में घर आते अपने भाई बहनों से सामने अपने शोध का प्रदर्शन करते रहते थे.

CV Raman Married Life Story History सीवी रमन का विवाह

चंद्रशेखर वेंकट रमन का विवाह 6 मई 1907 को ( CV Raman Wife Name ) लोकसुन्दरी अम्मल से हुआ | सीवी रमन विवाह के बाद अपनी धर्म पत्नी को लेकर कलकत्ता चले गए | उनके दो पुत्र थे – चंद्रशेखर और राधाकृष्णन | लोकसुंदरी एक कुशल गृहणी थीं वह सीवी रमन को घर की चिंताओं से दूर रखती | जिसकी वजह से Sir C.V. Raman अपना पूरा ध्यान भौतिकी में अपने शोध पर लगा पाए |CV Raman Biography In Hindi

सी वी रमन का व्यक्तिगत जीवन (C V Raman personal life)

6 मई 1907 को सी वी रमन का विवाह लोकसुन्दरी अम्मला से हुआ था. लोकसुन्दरी बहुत अच्छा वीणा बजाती थी, जिसको सुनकर सी वी रमन ने ही विवाह का प्रस्ताव दिया था. उनके दो बेटे थे एक बेटे के नाम चंद्रसेखर था और दुसरे बेटे का नाम राधाकृष्णन था. राधाकृष्णन एक खगोलशास्त्री थे. चन्द्रशेखर के चाचा रमन सुब्रह्मन्यन ने 1983 में अपने परमाणु प्रतिक्रियाओं की खोज में नोबेल पुरस्कार जीता. CV Raman Biography In Hindi

Sir Chandrasekhara Venkata Raman Career

वर्ष 1917 में उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ दी और ‘इण्डियन एसोसिएशन फॉर कल्टिवेशन ऑफ साइंस’ के अंतर्गत भौतिक शास्त्र में पालित चेयर स्वीकार कर ली | सन् 1917 में कलकत्ता विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर के तौर पर उनको नियुक्त किया गया | ‘ऑप्टिकस’ के क्षेत्र में उनके योगदान के लिये वर्ष 1924 में रमन को लन्दन की ‘रॉयल सोसाइटी’ का सदस्य बनाया गया और यह किसी भी वैज्ञानिक के लिये बहुत सम्मान की बात थी |

‘रमन इफ़ेक्ट’ की खोज 28 फरवरी 1928 को हुई | रमन ने इसकी घोषणा अगले ही दिन विदेशी प्रेस में कर दी और वैज्ञानिक पत्रिका ‘नेचर’ ने उसे प्रकाशित किया | इसके बाद धीरे-धीरे विश्व की सभी प्रयोगशालाओं में ‘रमन इफेक्ट’ पर अन्वेषण होने लगा |

वेंकट रमन को वर्ष 1929 में भारतीय विज्ञान कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में भी नियुक्त किया गया | वर्ष 1930 में प्रकाश के प्रकीर्णन और रमण प्रभाव की खोज के लिए उन्हें भौतिकी के क्षेत्र में प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया | वर्ष 1934 में रमन को बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान का निदेशक बनाया गया | CV Raman Biography In Hindi

उन्होंने स्टिल की स्पेक्ट्रम प्रकृति, स्टिल डाइनेमिक्स के बुनियादी मुद्दे, हीरे की संरचना और गुणों और अनेक रंगदीप्त पदार्थो के प्रकाशीय आचरण पर भी शोध किया | उन्होंने ही पहली बार तबले और मृदंगम के संनादी (हार्मोनिक) की प्रकृति की खोज की थी | वर्ष 1948 में वो इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस (आईआईएस) से सेवानिवृत्त हुए | इसके पश्चात उन्होंने बेंगलुरू में रमन रिसर्च इंस्टीटयूट की स्थापना की |

CV Raman Biography In Hindi

सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर कलकत्ता यूनिवर्सिटी में बने प्रोफेसर

Resigned from government job, became professor at Calcutta University विज्ञान के क्षेत्र में अपना योगदान देने और नई – नई खोज करने के उद्देश्य से सीवी रमन ने 1917 में सरकारी नौकरी छोड़कर ‘इण्डियन एसोसिएशन फॉर कल्टिवेशन ऑफ साइंस’ लैब में मानद सचिव का पद ज्वाइन किया |

और इसी साल उन्हें कलकत्ता यूनिवर्सिटी से भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर के जॉब का ऑफर मिला | और वे कलकत्ता यूनिवर्सिटी में अपनी सेवाएं देने लगे | वर्ष 1924 में सीवी रमन को ‘ऑपटिक्स’ के क्षेत्र में उनके सराहनीय योगदान के लिए लंदन की ‘रॉयल सोसायटी’ की सदस्य बनाया गया |CV Raman Biography In Hindi

सी. वी. रमन द्वारा ‘रमन प्रभाव’ की खोज – Raman scattering or the Raman effect 

1928 में कोलकाता में भारतीय वैज्ञानिक प्रोफेसर चंद्रशेखर वेंकट रमन ने इस दिन एक उत्कृष्ट वैज्ञानिक खोज, जो ‘रमन इफेक्ट/रमन प्रभाव’ के रूप में प्रसिद्ध है, की थी, जिसकी मदद से कणों की आणविक और परमाणविक संरचना का पता लगाया जा सकता है और जिसके लिए उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

उस समय तक भारत या एशिया के किसी व्यक्ति को भौतिकी का नोबल पुरस्कार नहीं मिला था। अवार्ड समारोह में इस प्रभाव का प्रदर्शन करने रमन ने अल्कोहल का इस्तेमाल किया था। बाद में रात के खाने के दौरान जब अल्कोहल पेश की गई तो भारतीय परंपराओं के कारण रमन ने उसे हाथ भी नहीं लगाया।CV Raman Biography In Hindi

रमन प्रभाव की खोज Raman Effect – CV Raman Biography In Hindi

रमन प्रभाव के अनुसार एकल तरंग-दैर्ध्य प्रकाश (मोनोकोमेटिक) किरणें जब किसी पारदर्शक माध्यम- ठोस, द्रव या गैस में से गुजरती हैं, तब इसकी छितराई हुई किरणों का अध्ययन किया जाए तो उसमें मूल प्रकाश की किरणों के अलावा स्थिर अंतर पर बहुत कमज़ोर तीव्रता की किरणें भी उपस्थित होती हैं। इन किरणों को रमन-किरणें कहते हैं।

ये किरणें माध्यम के कणों के कंपन एवं घूर्णन की वजह से मूल प्रकाश की किरणों में ऊर्जा में लाभ या हानि के होने से उत्पन्न होती हैं। रमन प्रभाव रसायनों की आणविक संरचना के अध्ययन में एक प्रभावी साधन है। इसका वैज्ञानिक अनुसंधान की अन्य शाखाओं, जैसे औषधि विज्ञान, जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रासायनिक विज्ञान, खगोल विज्ञान तथा दूरसंचार के क्षेत्र में भी बहुत महत्त्व है।CV Raman Biography In Hindi

रमन प्रभाव का प्रयोग CV Raman Biography In Hindi

दररअसल रमन प्रभाव की खोज ने आइन्सटाइन के उस सिद्धांत को भी प्रमाणित कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रकाश में तरंग के साथ ही अणुओं के गुण भी कुछ हद तक पाए जाते हैं।

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस (आईआईएस) से रिटायरमेंट

सीवी रमन को वाध्य यंत्र और संगीत में भी काफी रुचि थी, इसी वजह से उन्होंने तबले और मृदंगम के संनादी (हार्मोनिक) की प्रकृति की भी खोज की थी | सीवी रमन को साल 1934 में बेंगलौंर के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस में डायरेक्टर बनाया गया था | और वे स्टिल की स्पेक्ट्रम प्रकृति, हीरे की संरचना, स्टिल डाइनेमिक्स के बुनियादी मुद्दे और गुणों समेत कई रंगदीप्त पदार्थो के प्रकाशीय आचरण पर खोज करते रहे |CV Raman Biography In Hindi

Raman Research Institute रमन रिसर्च इंस्टिट्यूट की स्थापना

साल 1948 में सी.वी रमन ने वैज्ञानिक सोच और अनुसन्धान को बढ़ावा देने के लिए रमन रिसर्च इंस्टिट्यूट, बैंग्लोर (Raman Research Institute, Bangluru) की स्थापना की थी |

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CV Raman Death सीवी रमन का निधन

भारत को विज्ञान के क्षेत्र में अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलवाने वाले वैज्ञानिक सी.वी. रमन का निधन 21 नवंबर 1970 ( CV Raman Death Date ) को हुआ | उन्होंने अपनी जिंदगी में ज्यादातर टाइम लैब में रहकर, नई-नई खोज और प्रयोग करने में व्यतीत किया | सीवी रमन का जब रमन रिसर्च इंस्टिट्यूट, बैंग्लोर में अपनी लैब में काम कर रहे थे, तभी अचानक उनको हार्ट अटैक आया | जिसकी वजह से वह गिर पड़ें |CV Raman Biography In Hindi

82 साल की उम्र में उन्होंने अपनी जिंदगी की आखिरी सांस ली | भले ही आज सीवी रमन हमारे बीच मौजूद नहीं हैं लेकिन उनकी महत्पूर्ण खोजें हमेशा हमारे बीच जिंदा रहेंगी, आज भी उनकी अद्भुत खोजों का इस्तेमाल बड़े स्तर पर किया जाता है |

उन्होंने कठोर प्रयास और कड़ी के दम पर ‘रमन प्रभाव’ जैसी खोज के माध्यम से विज्ञान के क्षेत्र में भारत को गौरव हासिल करवाया | सीवी रमन का व्यक्तित्व आने वाली कई पीढि़यों के लिए प्रेरणादायक / प्रेरणा का स्रोत है | सीवी रमन पर हम सभी भारतीयों को गर्व है |

CV Raman Biography In Hindi

CV Raman Short Information In Hindi

पूरा नाम( Full Name )सर चंद्रशेखर वेंकट रमन ( Sir Chandrasekhara Venkata Raman )
शोर्ट नाम ( Short name )सी.वी. रमन ( CV Raman )
जन्म (CV Raman Birth Date)7 नवंबर, 1888
जन्म स्थान (Birthplace)तिरुचिरापल्ली, तमिलनाडु
पिता का नाम(Father Name)चंद्रशेखर अय्यर
माता का नाम (Mother Name)पार्वती अम्मल
पत्नी का नाम(Wife Name)त्रिलोकसुंदरी
क्षेत्रभौतिक वैज्ञानिक
कार्यरमन प्रभाव (Raman effect) की खोज
शिक्षा (Education)M.Sc. (भौतिक शास्त्र) (वर्ष – 1906)
संस्थानभारतीय वित्त विभाग / इंडियन एसोसिएशन फॉर कल्टिवेशन ऑफ साइंस / भारतीय विज्ञान संस्थान
प्रसिद्धिरामन इफेक्ट
मृत्यु (CV Raman Death Date)21 नवम्बर, 1970, बैंगलोर
सम्मान (Awards)प्रकाश के प्रकीर्णन और रमन प्रभाव की खोज के लिए नोबेल पुरस्कार, ‘भारत रत्न’, लेनिन पुरस्कार’
उपलब्धिरमन प्रभाव की खोज, नोबेल पुरस्कार, भारत रत्न
नागरिकता (Nationality)भारतीय
CV Raman Biography In Hindi

CV Raman Awards वैज्ञानिक सीवी रमन की महान उपलब्धियां

भारत के महान वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट रमन को विज्ञान के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए कई पुरुस्कारों से भी नवाजा गया, जिनके बारे में हम आपको यहा बता रहे हैं-

  • वैज्ञानिक सीवी रमन को 1924 में लन्दन की ‘रॉयल सोसाइटी’ का सदस्य बनाया गया |
  • सीवी रमन ने 28 फ़रवरी 1928 को ‘रमन प्रभाव’ की खोज की थी, इसलिए इस दिन को भारत सरकार ने हर साल ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ के रूप में बनाने की घोषणा की थी |
  • 1929 में भारतीय विज्ञान कांग्रेस की अध्यक्षता की
  • सीवी रमन को 1929 में उनके अलग-अलग प्रयोगों और खोजों के कई यूनिवर्सिटी से मानद उपाधि, नाइटहुड के साथ बहुत सारे पदक भी दिए गए |
  • 1930 में प्रकाश के प्रकीर्णन और ‘रमन प्रभाव’ जैसी महत्वपूर्ण खोज के लिए उन्हें भारत के उत्कृष्ठ और प्रतिष्ठित सम्मान नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया |
  • सीवी रमन नोबेल पुरस्कार को पाने वाले पहले एशियाई थे |
  • विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए 1954 में उन्हें भारत के सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’ से भी सम्मानित किया गया |
  • 1957 में सीवी रमन को लेनिन शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया |

Prizes Of CV Raman– CV Raman Biography In Hindi

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Nobel Prize To CV Raman
Bharat Ratna CV Raman Biography In Hindi, Wife, Experiment, Prize
Bharat Ratna To CV Raman
Leninpeace b CV Raman Biography In Hindi, Wife, Experiment, Prize
Lenin Peace Prize To CV Raman

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