Apollo 11 Mission In Hindi

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Apollo 11 Mission In Hindi

Apollo 11 Mission In Hindi
Apollo 11 Mission In Hindi

50 वर्ष पहले अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने Apollo-11 Mission के तहत पहली बार चंद्रमा पर किसी इंसान को भेजा था। इस मिशन के साथ ही नील आर्मस्ट्रांग चंद्रमा पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति बने थे। आर्मस्ट्रांग के कुछ मिनट बाद एडविन ‘बज’ एल्ड्रिन ने चंद्रमा की धरती पर कदम रखा था। तीसरे अंतरिक्ष यात्री माइकल कॉलिंस ने ऑरबिट पायलट की जिम्मेदारी संभाली थी। Apollo 11 Mission In Hindi

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अपोलो-11 का उद्देश्य था इसमें सवार तीनों अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग, एडविन ‘बज’ एल्ड्रिन और माइकल कॉलिंस को सुरक्षित चंद्रमा पर पहुंचाने के बाद वापस पृथ्वी पर लाना। माइकल कॉलिंस बतौर पायलट अपोलो-11 में मौजूद थे। वहीं, नील आर्मस्ट्रांग और एडविन ‘बज’ एल्ड्रिन चंद्रमा की जमीन पर उतरे थे।

Who is Neil Armstrong in hindi

नील एल्डन आर्मस्ट्रांग एक अमेरिकी खगोलयात्री और चंद्रमा पर कदम रखने वाले पहले व्यक्ति थे। इसके अलावा वे एक एयरोस्पेस इंजीनियर, नौसेना अधिकारी, परीक्षण पायलट, और प्रोफ़ेसर भी थे। खगोलयात्री (ऍस्ट्रोनॉट) बनने से पूर्व वे नौसेना में थे। नौसेना में रहते हुए उन्होंने कोरिया युद्ध में भी हिस्सा लिया।

नौसेना के उन्होंने पुरुडु विश्वविद्यालय से स्नातक उपाधि ली और तत्पश्चात् एक ड्राइडेन फ्लाईट रिसर्च सेंटर से जुड़े और एक परीक्षण पायलट के रूप में ९०० से अधिक उड़ानें भरीं। यहाँ सेवायें देने के बाद उन्होंने दक्षिण कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से परास्नातक की उपाधि हासिल की।

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Apollo 11

20 जुलाई 2019 को नील आर्मस्ट्रांग और एडविन एल्ड्रिन को चंद्रमा पर पहुंचे 50 साल पूरे हो जाएंगे। अपोलो-11 अंतरिक्ष यान को 1969 में अमेरिका के कैनेडी स्पेस सेंटर लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A से सुबह 08:32 बजे लॉन्च किया गया था। जिस लूनर मॉड्यूल से ये दोनों अंतरिक्ष यात्री अपोलो-11 से निकलकर चंद्रमा तक पहुंचे उसे ‘द ईगल’ नाम दिया गया था।

ये दोनों अंतरिक्ष यात्री 21 घंटे 31 मिनट तक चंद्रमा पर रुके थे। एडविन एल्ड्रिन ने नील आर्मस्ट्रांग के 19 मिनट बाद चंद्रमा पर कदम रखा था। दोनों ने अंतरिक्ष यान पर 2 घंटे 15 मिनट बिताए थे। लेकिन आर्मस्ट्रांग और एडविन के लिए चंद्रमा तक पहुंचने का ये सफर आसान नहीं था। सबसे पहले दोनों अंतरिक्ष यात्रियों का पृथ्वी से रेडियो संपर्क टूट गया था। इसके बाद ऑनबोर्ड कम्प्यूटर में कई एरर कोड्स आने लगे थे।

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NASA logo

इतना ही नहीं, ‘द ईगल’ में ईंधन की कमी भी सामने आई थी। लेकिन नील आर्मस्ट्रांग और एडविन एल्ड्रिन दोनों ने मिलकर सफलतापूर्वक इन परेशानियों का सामना कर 20 जुलाई, 1969 को चंद्रमा पर लैंडिग की थी। नील आर्मस्ट्रांग अब दुनिया में नहीं हैं। 82 साल की उम्र में 25 अगस्त, 2012 को उनका देहांत हो गया था।

तीन अंतरिक्ष यात्रियों का यह दल चंद्रमा की सैर करने के बाद 24 जुलाई 1969 को वापस धरती पर लौट आया था। इनके यान की लैंडिंग प्रशांत महासागर में कराई गई थी। अपोलो-11 मिशन में दुनियाभर के 40 हजार लोगों ने अपनी भूमिकाएं निभाई थी।

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source: BBC

Information About Apollo-11 Mission

मिशन प्रकारManned lunar landing
संचालक (ऑपरेटर)NASA
मिशन अवधि8 days, 3 hours, 18 minutes, 35 seconds
अंतरिक्ष यानApollo CSM-107Apollo LM5
निर्माताCSM: North American RockwellLM: Grumman
लॉन्च वजन100,756 पौंड (45,702 कि॰ग्राम)
लैंडिंग वजन10,873 पौंड (4,932 कि॰ग्राम)
चालक दल संख्या3
सदस्यNeil A. Armstrong, Michael Collins, Edwin Buzz Aldrin
प्रक्षेपण तिथिJuly 19, 1969, 13:32:00 UTC
रॉकेटSaturn V SA-506
प्रक्षेपण स्थलKennedy LC-39A
लैंडिंग तिथिJuly 20, 1969, 16:50:35 UTC
लैंडिंग स्थलNorth Pacific Ocean
17px WMA button2b Apollo 11 Mission In Hindi, Facts And Full Story Of Apollo-11 Mission13°19′N 169°9′W
अवधि2 hours
वापसी लांचJuly 21, 1969, 17:54 UTC
लैंडिंग साइटMare Tranquillitatis
17px WMA button2b Apollo 11 Mission In Hindi, Facts And Full Story Of Apollo-11 Mission0.67408°N 23.47297°E
नमूना वजन21.55 किलोग्राम (47.51 पौंड)
Apollo 11 Mission In Hindi

Facts About Apollo-11 Mission In Hindi

1. सैटर्न 5 अब तक का सबसे बड़ा और सबसे ताक़तवर रॉकेट है|

2. अपोलो का क्रू कम्पार्टमेंट एक बड़ी कार के बराबर है|

3. गणित में कुशल अफ्ऱीकी-अमरीकी महिलाओं ने चंद्रमा तक के रास्ते का खाका खींचने में मदद की|

4. कोई नहीं जानता कि अपोलो 11 मॉड्यूल अब कहां है| कुल 10 चंद्र मॉड्यूल अंतरिक्ष में भेजे गए और छह ने इंसानों को चंद्रमा पर उतारा|

एक बार इस्तेमाल होने के बाद, कैप्सूल को छोड़ दिया गया था और वे या तो चंद्रमा की सतह पर गिर गए, पृथ्वी के वायुमंडल में जल कर ख़त्म हो गए या एक मामले में ये सूरज की कक्षा में चक्कर लगाने लगा लेकिन वास्तव उनके साथ क्या हुआ, किसी का नहीं पता|

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apollo 11 lunar module, source:NASA

5. 16 जुलाई 1969 को अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग, बज़ एल्ड्रिन और माइकल कोलिंस विशाल सैटर्न वी रॉकेट के ऊपर अपने अपोलो अंतरिक्षयान में सवार थे और महज 11 मिनटों में ही कक्षा में प्रवेश कर गए|

Conclusion On Apollo 11 Mission In Hindi

19 जुलाई 1969 को मेरिट आइलैंड में स्थित कैनेडी स्पेस सेण्टर लाँच काम्प्लेक्स 39 से उड़ान भरने वाला अपोलो 11 नासा के अपोलो अभियान का पाँचवाँ मानवीय मिशन व तीसरा चन्द्र अभियान था। इसके कर्मीदल के रूप में आर्मस्ट्रांग कमांडर व ऐल्ड्रिन लुनार माड्यूल पायलट और माइकल कॉलिन्स कमांड मॉड्युल पायलट थे।

आर्मस्ट्रांग और ऐल्ड्रिन चंद्रमा पर ट्रैंक्विलिटी के सागर (Sea of Tranquillity) में उतरे और चाँद पर 21 जुलाई को कदम रखने वाले पहले इंसान बन गए। उनका लुनार मॉड्युल इगल 21 घंटे व 31 मिनट चाँद की प्रष्ठभूमी पर रहा और कॉलिन्स कमांड सर्विस मॉड्युल कोलंबिया में चाँद के उपर बने रहे। 24 जुलाई को तीनो अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर प्रशांत महासागर में उतरे और अपने साथ 21.5 किलोग्राम के चाँद के नमूने लाए।

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